श्रीदेवी को था एक्टिंग से बहुत प्यार, पिता के अंतिम संस्कार के बाद तुरंत पहुँच गई थी शूटिंग पर, 4 साल की उम्र से शुरू कर दिया था फिल्मो में काम!

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दोस्तों बॉलीवुड की पहली लेडी सुपरस्टार कही जाने वाली अभिनेत्री श्रीदेवी की 24 फरवरी यानी आज तीसरी डेथ एनिवर्सरी है। अपने फिल्मी करियर में 300 फिल्मों में काम करने वाली श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं हैं। 24 फरवरी, 2018 को श्रीदेवी की दुबई के होटल के बाथटब में डूबने से मौत हो गई थी। श्रीदेवी ने अपने 51 साल के फ़िल्मी करियर में तकरीबन 300 फिल्मों में काम किया था। उनकी पहली फिल्म बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट जूली थी जबकि आखिरी फिल्म मॉम साबित हुई जिसके लिए उन्हें मरणोपरांत बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। मरने के बाद वह आखिरी बात फिल्म जीरो में दिखीं थीं जिसमें उन्होंने एक कैमियो किया था।

श्रीदेवी पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्हें बतौर फीस पहली बार 1 करोड़ रुपए दिए गए थे। 80-90 के दशक में श्रीदेवी को सफलता की गारंटी माना जाता था। ऐसे में निर्माता-निर्देशक उन्हें मुंह-मांगी रकम देने को तैयार रहते थे।1967 में आई तमिल फिल्म थुनाइवन में श्रीदेवी लॉर्ड मुरुगा के किरदार में थीं। तब उनकी उम्र 4 साल थी। फिल्म में उन्होंने उस जमाने की टॉप अभिनेत्री जयललिता के साथ काम किया। श्रीदेवी ने 1975 में फिल्म जूली से डेब्यू किया था। इसमें वे चाइल्ड आर्टिस्ट के किरदार में नजर आई थीं।

बता दे की अभिनेत्री श्रीदेवी हमेशा अपने काम से काफी लगाव रहा था। अपने पिता की मौ’त के वक्त वे लंदन में शूटिंग कर रही थीं। उन्हें पिता की मौत की खबर मिली तो भारत लौटीं और पिता के अंतिम संस्कार के बाद तुरंत लंदन लौट गईं और शूटिंग शुरू कर दी। इसके अलावा ‘चालबाज’ की शूटिंग के दौरान भी उन्हें 103 डिग्री बुखार था लेकिन उन्होंने आराम नहीं किया और पूरे जोश के साथ एक गाने की शूटिंग पूरी की थी।

श्रीदेवी को बोनी कपूर ने 70 के दशक में एक तमिल फिल्म में देखा था। बोनी को उनसे पहली नजर में प्यार हो गया था। बोनी कपूर और श्रीदेवी की कहानी मिस्टर इंडिया फिल्म के साथ शुरू हुई थी। श्रीदेवी ने स्क्रिप्ट सुनने के लिए ही बोनी को 10 दिन इंतजार कराया था। श्रीदेवी को साइन करने के लिए उनकी मां ने 10 लाख की फीस बताई। शायद उन्हें टरकाने के लिए तो बोनी ने कहा कि, मैं 11 लाख दूंगा।

मशहूर निर्देशक स्पीलबर्ग ने श्रीदेवी को एक रोल के लिए चुना था, लेकिन श्रीदेवी ने उन्हें सीधे इनकार कर दिया था। श्रीदेवी की शख्सियत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने हॉलीवुड की मशहूर फिल्म जुरासिक पार्क ठुकरा दी थी। श्रीदेवी को भारतीय फिल्मों से ही लगाव था। इसके बाद भी उनके पास हॉलीवुड फिल्मों के कई ऑफर आए, लेकिन उन्होंने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

बता दे की अभिनेत्री श्रीदेवी की महाकाल मंदिर और मीनाक्षी मंदिर में गहरी आस्था थीं। ऑउटडोर शूटिंग को छोड़ वे हर दिन पूजा जरूर करती थीं। श्रीदेवी जब भी मध्यप्रदेश आतीं उज्जैन जरूर जाती थीं। वे महाकाल की भक्त थीं और सुबह शाम पूजा करतीं। अपनी फिटनेस के लिए वर्कआउट और योगा करतीं। वे जिस भी शहर जातीं वे हेयरस्पा ज़रूर कराती थीं।

श्रीदेवी की सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा जयाप्रदा से रहा करती थी। दोनों एक-दूसरे को देखना और बात करना तक पसंद नहीं करती थीं। एक बार दोनों के बीच पैचअप कराने के मकसद से राजेश खन्ना और जितेंद्र ने उन्हें 2 घंटे कमरे में बंद कर दिया। जब दरवाजा खोला गया तो पता चला कि दोनों अलग-अलग कोनों पर बैठी थीं। एक ही कमरे में रहकर भी दोनों ने बात करना तो दूर, एक-दूसरे की तरफ देखा तक नहीं।

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