नवरात्रि के पवन मौके पर टीवी की ये अभिनेत्री आयी माँ के नौ रूपों में, वायरल हो रही मां के रूपों की खास तस्वीरें!

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दोस्तों टीवी जगत के पॉपुलर धार्मिक शो ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं’ में देवी पार्वती की भूमिका निभा रहीं गरिमा परिहार अब इस शो में नवदुर्गा अवतार में नजर आने वाली हैं। शो के लिए गरिमा ने देवी के ये नौ रूप धारण किए हैं और इन रूपों की खास तस्वीरें हम ‘अमर उजाला’ के पाठकों के लिए खास संजो कर लाए हैं। शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघण्टा, कूष्मांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि और सिद्धिदात्री के विभिन्न शक्ति स्वरूपों में गरिमा की आभा बस देखते ही बनती है।

शो की शूटिंग के दौरान ही गरिमा परिहार ने बताया कि इनमें से हर दिव्य अवतार विभिन्न क्षमताओं और योग्यताओं को प्रदर्शित करता है। देवी शैलपुत्री ने त्रिशूल और कमल धारण किया हुआ है और कहा जाता है कि वह नंदी (बैल) की सवारी करती हैं, और सभी बीमारियों को जड़ से खत्म करने के लिए तत्पर रहती हैं। देवी ब्रह्मचारिणी रुद्राक्ष की माला और पवित्र कमंडल हाथ में लिए नंगे पैर चलती हैं और वह दीर्घायु प्रदान करती हैं।

गरिमा बताती हैं, देवी चन्द्रघण्टा 10 हाथों में सशस्त्र से सुस्सजित देवी हैं, जिनके माथे पर अर्धचंद्र बना हुआ है, वह बाघ की सवारी करने और सभी दुष्टों का विनाश करने के लिए जानी जाती हैं। देवी कूष्मांडा, जीवन की वो शक्ति हैं, जो लोगो को महत्वपूर्ण फैसले लेने और अपनी बुद्धि की क्षमताओं को समझने की शक्ति के लिए आशीर्वाद देती हैं। देवी स्कन्दमाता चार भुजाओं वाली  कमल पर विराजमान देवी है और उन्होंने छोटे कार्तिकेय को अपनी गोद में लिया है। वह कर्म और व्यवहारिक ज्ञान का प्रतीक हैं। देवी कात्यायनी, जो एक प्रसिद्ध योद्धा के रूप में जानी जाती है, वह शेर की सवारी करती हैं और उनके हाथ में तलवार है। वह अज्ञानता और अन्याय के खिलाफ सकारात्मक क्रोध का एक रूप हैं।

गरिमा मानती हैं कि नवरात्रि के दौरान इन नौ रूपों को जो धारण करने का उन्हें सौभाग्य मिला है, वह उन पर ईश्वर की अनुकंपा ही है। नौ दुर्गा के शेष स्वरूपों के बारे में गरिमा का कहना है, देवी कालरात्रि, दुष्टों का सर्वनाश करने के लिए जिन्होंने काले रंग की दिव्यता को धारण किया है, एक गधे की सवारी करती हैं और उन्होंने त्रिशूल और फंदा लिया है और वह मां के प्रेम का प्रतीक हैं। देवी महागौरी एक सफेद शक्तिशाली हाथी की सवारी करती हैं और वह त्रिशूल के साथ एक डमरू रखती हैं, और वह सुंदरता और करुणा को दर्शाती हैं। देवी सिद्धिदात्री परफेक्शन को परिभाषित करती हैं, कमल पर बैठी और गदा पकड़े हुए, चक्र और एक किताब रखती हैं और सभी की दिव्य इच्छाओं को पूरा करती हैं।

इन नौ अवतारों को निभाने के दौरान गरिमा परिहार शूटिंग लोकेशन पर काफी प्रसन्न दिखीं। वह कहती हैं, ‘‘नवरात्रि का त्यौहार चल रहा है, ऐसे में दुर्गा मां के नौ अलग-अलग अवतारों को निभाकर इस उत्सव को मनाने का इससे बेहतर तरीका क्या होगा। मैं खुद को सम्मानित और धन्य महसूस कर रही हूं कि मुझे इन नौ अवतारों के बारे में जानने का मौका मिला। इन नौ किरदारों को निभाना चुनौतीपूर्ण था लेकिन यह जीवन में बहुत कम लोगों को मिलने वाला अवसर भी है।”

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